वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बार फिर कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान के साथ युद्ध जल्द खत्म हो जाएगा और युद्ध समाप्त होते ही तेल की कीमतों में गिरावट शुरू हो जाएगी।
ट्रंप ने एक सभा को संबोधित करते हुए डेमोक्रेट्स पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि डेमोक्रेट्स ने महंगाई के लिए ‘एफोर्डेबिलिटी’ शब्द गढ़ा और इतिहास की सबसे खराब महंगाई पैदा की। ट्रंप ने दावा किया कि उनकी सरकार कीमतें कम करने की दिशा में काम कर रही है।
‘ईरान के पास कभी परमाणु हथियार नहीं होगा’
ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ युद्ध बहुत जल्द खत्म हो जाएगा और ईरान के पास कभी परमाणु हथियार नहीं होगा। उन्होंने ईरान की सैन्य क्षमता का जिक्र करते हुए कहा कि उसके पास नौसेना, वायुसेना, रडार और एंटी-एयरक्राफ्ट क्षमता नहीं है।
उन्होंने कहा कि जैसे ही युद्ध खत्म होगा, तेल की कीमतें गिरने लगेंगी। ट्रंप ने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।
पश्चिम एशिया में 9 हजार अतिरिक्त अमेरिकी सैनिक भेजे जा रहे
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी सेना पश्चिम एशिया में करीब 9 हजार अतिरिक्त सैनिक भेज रही है। इस तैनाती में 7 हजार से अधिक नाविक और 2 हजार से ज्यादा नौसैनिक शामिल हैं।
बताया गया है कि इस तैनाती के बाद अक्टूबर के अंत तक पश्चिम एशिया में तीन अमेरिकी विमानवाहक पोत तैनात हो जाएंगे। इस बेड़े में ‘यूएसएस थियोडोर रूजवेल्ट’ विमानवाहक पोत युद्धक समूह और ‘यूएसएस मेकिन आइलैंड’ उभयचर तत्परता समूह शामिल हैं। इनके साथ ‘एसएस जॉन पी. मर्था’ और ‘यूएसएस एंकरेज’ जैसे पोत भी शामिल हैं।
पश्चिम एशिया में पहले से मौजूद अमेरिकी कर्मियों को मिलाने के बाद क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना की मौजूदगी 20 हजार से ज्यादा नाविकों और नौसैनिकों तथा सैकड़ों लड़ाकू विमानों तक पहुंचने की बात कही गई है। इससे पहले नौसेना ने अप्रैल में 2003 के बाद पहली बार पश्चिम एशिया में तीन विमानवाहक पोत युद्धक समूह तैनात किए थे।
मध्यावधि चुनाव के बाद युद्ध और तेज करने की चेतावनी
ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य तैनाती ऐसे वक्त बढ़ रही है जब ट्रंप नए सैन्य हमलों की चेतावनी दे चुके हैं। ट्रंप ने मध्यावधि चुनाव के बाद युद्ध को और तेज किए जाने की संभावना भी जताई है। हालांकि, शुरुआत में उन्होंने अमेरिकी जनता से इस अभियान को कुछ ही हफ्तों में खत्म करने का वादा किया था।
इस बीच पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी बढ़ने से ईरान के साथ जारी संघर्ष के और जटिल होने के संकेत मिल रहे हैं।
फ्लायदुबई घटना पर भी ट्रंप ने ईरान का किया जिक्र
इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लायदुबई की घटना को लेकर भी बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि शुरुआती संकेतों से पता चलता है कि ईरान का संबंध फ्लायदुबई के उस सह-पायलट से हो सकता है, जिसने बुधवार को इजराइल जा रहे विमान के कप्तान पर चाकू से हमला किया था और विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश की थी।
हालांकि, ट्रंप ने ईरान से संभावित संबंध के बारे में कोई ठोस विवरण साझा नहीं किया। व्हाइट हाउस में पत्रकारों के सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि इस मामले पर काम किया जा रहा है। जब उनसे पूछा गया कि क्या ईरान के साथ किसी तरह का संबंध होने की संभावना है, तो ट्रंप ने कहा कि उन्हें जो जानकारी मिल रही है, उसके आधार पर ऐसा हो सकता है, लेकिन जांच अभी जारी है।
